डॉ उदित राज ,कांग्रेस राष्ट्रीय प्रवक्ता, ने कुछ सवाल सुश्री मायावती से किये हैं। जब भी कोई दलित तरक़्क़ी करता है या उच्च पद पर पहुचता है तो मायावती जी को सबसे ज्यादा कष्ट क्यों होता है ? श्री चरनजीत सिंह चन्नी जब पंजाब के मुख्यमंत्री बने तो कहा की कांग्रेस दिखावा कर रही है।
Read Moreहॉकी खिलाड़ी दलित वंदना कटारिया के परिजन को अपमानित किया कि वो मैच हरवा दिया जबकि हॉकी में उसका श्रेष्ठ प्रदर्शन था। अगर सवर्ण की बेटी होती तो पूरे जाति के लिए गौरव की बात होती। कांस्य पदक कोई छोटी उपलब्धि नही है।
Read More1925 में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की स्थापना हुयी।उस समय अंग्रेजी हुकूमत थी । सवर्णों में छटपटाहट थी की देर सवेर जब भी देश स्वतंत्र हो , पुनः सनातन या काल्पनिक सतयुग के काल में पहुच सके ।अंग्रेज निशाने पर न होकर मुसलमान हुए।
Read Moreआरम्भ में कांशीराम जी ने बामसेफ बनायी जिसकी शुरुआत महाराष्ट्र में हुई और उसके बाद उत्तर भारत के पंजाब, हरियाणा और उत्तरप्रदेश में फैला। न केवल दलित जातियाँ जुड़ी बल्कि पिछड़े भी।
Read Moreबहुजन हिताय बहुजन सुखाय का सन्देश गौतम बुद्ध ने दिया था। सामाजिक न्याय एवं मानवता के जो आन्दोलन रहे हैं, वो किसी न किसी रूप में इस विचारधारा से प्रभावित रहे हैं| ज्योतिबा फूले, शाहू जी महाराज एवं डॉ. अम्बेडकर आदि महापुरुषों के जो आन्दोलन रहे हैं
Read Moreजब कोरोना वायरस फैला उसी समय से विज्ञान का तिरस्कार शुरू हो गया | दवा के रूप में गोमूत्र पार्टी का आयोजन किया गया| गोबर लेप के बाद स्नान करने से इलाज ढूढ़ा गया| विज्ञान बेचारा दूर से देखता रहा है कि कैसे वायरस का गला दबाए।
Read Moreरामलीला मैदान पर भ्रष्टाचार के विरुद्ध अन्ना हजारे के आंदोलन में भारत माता की जय के नारे खूब गूंजे। आजादी के आंदोलन में भारत माता कि जय का नारा घर घर में गूंजता था। सोये हुए लोगों को जगाने के लिए इस प्रतीक उस समय उपयोगिता थी।
Read Moreयह किसान आन्दोलन अबतक में हुए आन्दोलनों से भिन्न है| इसके पहले जो आन्दोलन हुए उनके आन्दोलनकारियों की शिकायत सरकार से हुआ करती थी, लेकिन इसबार पूंजीपति भी दायरे में आये हैं| यही वजह है कि विभिन्न वर्गों का सरोकार वर्तमान आन्दोलन से जुड़ गया है|
Read Moreनब्बे के दशक में बहुजन राजनीति का उभार उत्तरी भारत में हुआ| दलित एवं पिछड़े आन्दोलन को गति देने से सहयोग किये| आन्दोलन में भावना एवं अधिकार दोनों का मिश्रण था और इसमें कोई गलती भी ना थी| कभी ऐसी रणनीति बनानी पड़ती है
Read Moreअमेरिका एवं यूरोप की सम्पन्नता और सुविधाएं देखकर भारत का अभिजात्य वर्ग बड़ा प्रभावित होता रहा है जिसका परिणाम ये हुआ कि निजीकरण , उदारीकरण कि ओर हम चल पड़े | ये तथाकथित बुद्धिजीवी एवं व्यापारी सोचे कि उनकी उनकी नक़ल करके हम भी वैसे हो जायेंगे
Read Moreहाथरस में एक दलित लड़की के बलात्कार- हत्या और उसके बाद पुलिस द्वारा आधी रात को जलाये जाने के बाद जो स्थिति देश में उत्पन्न हुयी इसमें कई सवाल फिर से खड़ा हो गया है| हद तो तब हो गयी जब आरोपी के पक्ष में सवर्णों ने उसी गाँव में एक पंचायत कि बावजूद
Read Moreअयोध्या में राम जन्मभूमि के शिलान्यास इस देश के प्रधानमंत्री ने सदियों की गुलामी से आजादी की घटना बताई। इसका मतलब कि देश और राम जन्मभूमि का शिलान्यास दोनों बराबर है। यह समझ में नहीं आता कि आजादी किससे? 1947 को देश अंग्रेजों से आजाद हुआ
Read Moreखुद कि जाति का अपराधी नायक होता है और गैर जातियों का खलनायक| विकास दुबे कि भी यही कहानी है | विकास दुबे या उसके साथी जो भी काम अंजाम देते थे जाति के लोग गौरव महसूस करते |
Read Moreउच्च न्यायपालिका के चरित्र को देखते हुए दलित, आदिवासी, पिछडो, अल्पसंख्यकों को न्याय पाना संभव नहीं है. इस कथन का सत्यापन करना मुश्किल नहीं है. हाल में DMK , IDMK ,CPM आदि
Read Moreभारतीय समाज में जबतक दो बड़े मुद्दे पर बहस और समाधान नहीं खोजा जाएगा , कितने भी प्रयास कर लिया जाय विकसित देशों कि श्रेणी में नहीं पहुच सकेंगे | कुछ लोग पिछड़ेपन को अंग्रेजों कि लूट को वजह मानते है|
Read Moreदो महीने से पूरी दुनिया कोरोना कि मार झेल रही है. इससे बचने के लिए दुनिया के कई देशों में लॉक डाउन किया गया| भारत में भी मोदी सरकार अबतक चार फेज में
Read Moreइस समय लाखों लोग दिल्ली , अहमदाबाद, सूरत , मुंबई और छोटे-बड़े शहरों में सिर पर गठरी या झोला लेकर चलते नज़र आयेंगे | शौक से तो अपने घरों को छोड़कर के बाहर मजदूरी करने नहीं आये थे| जरुर कोई मजबूरी है|सबसे कम जमीन दलितों के पास है
Read More भारत ही नही पूरी दुनिया कोरोना महामारी से जूझ रही है| उसी समय मंथन भी चल रहा है कि कोरोना महामारी के उबरनेके बाद दुनिया में बदलाव आएगा | दुनिया के तमाम देशों ने अगर इस तरह कि चर्चा हो रही है तो कोई वजह जरुर है|
सुप्रीम कोर्ट का आरक्षण विरोधी फ़ैसला उस समय आया जब गरीब और मजदूर भूखे प्यासे जगह-जगह पर फंसे हैं| कोरोना महामारी के समय में उनकी समस्या के ऊपर सुनवाई करनी चाहिए था , लेकिन जब दलितों- आदिवासियों- पिछड़ों के आरक्षण का मामला आता है
Read Moreआज पूरी दुनिया कोरोना वायरस के संक्रमण से जूझ रही है , दुनिया का कोई देश इससे अछूता नहीं है| भारत भी इस महामारी कि चपेट में आ चुका है, हर दिन इसके संक्रमण के सैकड़ो मामले सामने आ रहे हैं| इसके निबटने के लिए तमाम एहतियाती कदम भी उठाये जा रहे हैं|
Read Moreकोरोना एक ऐसी महामारी का नाम है, जिससे आज पूरी दुनिया खौफ खा रही है. दूनिया भर के तमाम डॉक्टर्स और चिकित्सा विज्ञान से जुड़े वैज्ञानिक इसकी दावा के लिए शोध में लगे हुए हैं| सभी जानते हैं कि यह बीमारी मूल रूप से
Read Moreभारत में विज्ञान का क़त्ल होना आम बात है |आये दिन हम विज्ञान का बेरहमी से क़त्ल होते देखते रहते हैं| भारत के प्राचीन इतिहास पर नज़र उठाकर देखें तो इस देश के ये नया नहीं है| सदियों से इस देश ने वैज्ञानिक चिंतन
Read Moreभारत में भावनाओं से काम ज्यादा चलता है और तथ्य से कम दलित आन्दोलन इससे अछूता नहीं है दलितों का एक तबका सबसे ज्यादा कांग्रेस से इसलिए नाराज़ रहते हैं, क्यूंकि डॉ अम्बेडकर को उन्होंने चुनाव में हराया| दुनिया में क्या कोई भी चुनाव हारने के लिए लड़ता है?
Read Moreजब CAA/NRC लागू करने कि बात पैदा हुयी तब जामिया और अलीगढ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में प्रतिरोध कि लहर उठी . जे एन यू भी कहाँ पीछे रहने वाला था . धीरे धीरे पूरे देश में इसका विरोध शुरू हुआ . पहले तो जामिया का विरोध प्रदर्शन केंद्र बना लेकिन कुछ दिन बाद ही शाहीनबाग़
Read Moreमोदी जी महसूस कर पा रहे हैं या नहीं लेकिन वो चारो तरफ से घिर गए हैं| जो काम कांग्रेस 60 साल में नहीं कर सकी उसे उन्होंने 60 महीने में करने का वायदा 2014 के चुनाव में किया था| इसके अलावा भी तमाम ऐसी बाते कहीं जो आज़ादी के बाद ना हो सका
Read Moreनागरिकता संशोधन कानून एवं नेशनल रजिस्टर ऑफ़ सिटिजनशिप बिल पास करते समय भाजपा कि ममता बार-बार छलक पड़ी और अभी भी पूरे बहस के दौरान देखने को मिल जायेगी| जब संविधान में संशोधन करके यह कानून पास किया
Read Moreसंसद में जब धारा -370 और 35-A ख़त्म करने का बिल पास हो रहा था तो सरकार को सबसे ज्यादा चिंता दलित हित की दिखी| बिल पेश करते समय एवं बारी –बारी से जो भी अन्य वक्ता भाजपा से बोले,सबसे पहले उनकी फिक्र दिखी कि इनके हटने से दलितों को
Read Moreदिल्ली में संत रविदास मंदिर को सुप्रीम कोर्ट के आदेश से तोड़ दिया गया है | बताया जाता है कि संत रविदास यहाँ ठहरे थे और उनसे मिलने सिकन्दर लोधी गया था | सन 1959 में बाबु जगजीवन राम जी भी यहाँ पधारे थे | सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में बड़ी काफी सक्रियता
Read Moreमोहन भागवत जी ने फिर से एक बार कहा कि आरक्षण पर बहस होनी चाहिए लेकिन सौहार्दपूर्ण वातावरण में | प्रश्न खड़ा होता है कि किस वर्ग ने आरक्षण के औचित्य पर बहस के लिए उनसे कहा | अगर आर.एस.एस की तरफ से यह मांग हो , तो उन्हें स्पष्ट करना चाहिए |
Read Moreसावन का महीना चल रहा है। लाखों और करोड़ों लोग केसरिया वस्त्र पहन कर गंगा जल शिवलिंग पर चड़ाने निकल पड़े हैं। झंुड के झुंड केसरिया वस्त्र धारण करने वाले कांवड़ियों का जनसैलाब देखते बन रहा हंै। यह कब शुरू हुई और क्यों इस पर भिन्न भिन्न राय है।
Read Moreप्रधानमंत्री ने एक राष्ट्र एक चुनाव पर 19 जून, 2019 को सर्वदलीय बैठक बुलाई। गत् कई महीनों से इस पर चर्चा भारतीय जनता पार्टी की तरफ से की जाने लगी थी और उस पर अब सर्वदलीय बैठक भी हो गयी, जिसका प्रमुख दलों जैसे - कांग्रेस, बसपा, सपा आदि ने बहिष्कार किया।
Read Moreसरकार कि सबसे बड़ी चिंता यह रही है कि मुसलमान औरतों को तीन तलाक के शोषण से मुक्त कराए | लोकसभा और राज्यसभा में इस सम्बन्ध में बिल पास भी करा दिया | अब कोई तीन तलाक देकर बच नहीं सकता उसे जेल कि हवा खाना पड़ेगा
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