कब तक बना रहेगा समाज भोला एवम भावुक

समयांतराल दलित समाज में जागृति आई है लेकिन देखना है कि इसका लाभ हो पा रहा है कि नहीं | जाग्रत समाज जल्दी इकट्ठा एवं उग्र भी हो जाता है | अपना जातीय नेता भी जल्दी पैदा कर लेता है | इस स्थति तक समाज आया कैसे, यह भी सोचना होगा | जब सरकारी नौकरी एवं शिक्षा के क्षेत्र में आरक्षण मिला तो उससे शिक्षा आई और जाग्रति भी | यही जड़ है कि समाज के लोग इकट्ठा एवं उग्र होते हैं | जब जड़ ही कट जायेगी तो एक दिन इकट्ठा होना भी बंद कर देंगे, जैसे पूर्व में हुआ करता था | बहुत सम्भव है कि मनुवादी समय –समय पर मंदिर तोड़ दें ,मूर्ति खंडन कर दें या कुछ और असहनीय बात कर दें और कोई एक नेतृत्व करने लगे व बड़े जमवाड़े का रूप ले ले जिससे समाज की सारी ताकत उधर ही लगती जाए | जब आक्रोश पैदा हो जाये तो उनकी सरकार मूर्ति या मंदिर
बनवा दे और अंततः वोट का फायदा भी ले ले और दूसरी तरफ चुपचाप भागीदारी एवं आरक्षण खत्म करती जाए और ऐसा हो भी रहा है | मैं नहीं कहता हूँ कि ऐसी बातों पर लोग न इकट्ठा हों या संघर्ष न करें | दुर्भाग्य से हो यह रहा है कि लोग इसी को मिशन समझ ले रहे हैं और असली खतरे को नहीं पहचान पा रहे हैं | जितना आक्रोश और भीड़ भावनात्मक मुद्दे पर इकट्ठा हो रही है अगर उसका आधा भी ताकत निजीकरण के खिलाफ एवं संविधान बचाने के लिए हो तो वर्तमान अधिकार कम से कम तो ख़त्म तो नही होगा |

थोड़ा- सा भी समझदारी होगी तो 1 दिसम्बर 2019 को रामलीला मैदान नईदिल्ली में बड़ी संख्या में लोग संविधान बचाओ, ईवीएम हटाओ, निजीकरण व  बेरोजगारी के विरोध, आरक्षण बचाने एवं उच्च न्यायपालिका में आरक्षण के लिए शामिल होंगे | रैली में शामिल होने या सहयोग करने के लिए अपना नाम, मोबाईल नं व स्थान व्हाट्सएप 9899766443 करें |

नोट – आपसे आग्रह है कि जिस भी रूप में आप रैली को सफल बनाने में सहयोग दे सकते हैं हमें मैसेज करें आपका मैसेज स्वयं डॉ उदित राज पढेंगे और बात भी करेंगे | कई प्रकार के सहयोग दिए जा सकते हैं जैसे कि कितनी संख्या में रैली में आप उपस्थित होंगे या रैली के तयारी हेतु कोई बैठक करा सकते हैं | किसी को जोड़ सकते हैं या कोई सुझाव , आर्थिक सहयोग के लिये परिसंघ का खाता संख्या – 30899921752 (State Bank of India) दिया जा रहा है |

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